फेल होना मंजूर, मुगलों को महान बताना नामंजूर

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लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षा में एक छात्र कुंवर रितेश सिंह ने एक सवाल का ऐसा अनोखा जबाव दिया है कि सोशल मीडिया में तहलका मच गया है। परीक्षा में ‘मुगलों का भारतीय प्रशासन में योगदान’ के बारे में प्रश्न पूछा गया था। प्रश्न के उत्तर में छात्र ने लिखा है ‘सर मै आपसे विनम्रता से क्षमा मांगता हूँ, मेरे इतिहास के ज्ञान के मुताबिक मुगल लुटेरे थे और लूट के ही मकसद से भारत आये थे। लुटेरों का किसी देश की प्रगति में कोई योगदान नहीं होता। जिन लुटेरों ने हमारे देश के खजाने को लूटकर अपने देश भिजवा दिया वे हमारे देश का विकास कैसे कर सकते हैं। छात्र ने ये भी लिखा है कि मुगलों ने हमारे देश में ना सिर्फ कत्लेआम मचाया, हमारे देश की बहन बेटियों से बलात्कार भी किया। हमारे देश की हजारों लाखों महिलाओं ने विधवा होने पर मुगलों के डर से चिता में कूदकर अपनी जान दे दी। मेरे हिसाब से मुगलों का हमारे देश में यही योगदान है। छात्र ने ये भी लिखा है की अगर मुगल इतने ही कुशल प्रशाशक थे तो अपने देश का विकास क्यों नहीं कर लिया और हमारे देश को लूटने क्यों आ गए।

अंत में छात्र कुंवर रितेश सिंह ने लिखा है कि ‘सर महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी की कहानियां पढ़ते पढ़ते बड़ा हुआ हूं, अपने पूर्वजों के इतिहास को कलंकित नहीं कर सकता; अतः लुटेरे मुगलों का महिममंडल करने से अच्छा फेल होना पसंद करूंगा।

Mayank Singh

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